Binomo पर ट्रेडिंग के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक शेयर प्राइस ट्रेंड्स की अवधारणा को समझना है। आइए इसके मुख्य विचार पर चर्चा करते हैं और उन महत्वपूर्ण विवरणों पर नज़र डालते हैं, जिनके बारे में आपको ट्रेडिंग शुरू करने से पहले पता होना चाहिए।
प्राइस ट्रेंड्स के प्रकार
प्राइस ट्रेंड वह विशेष दिशा है जिसकी तरफ कीमत समय के साथ चलती है। एक बार जब आप प्राइस ट्रेंड को निर्धारित कर लेते हैं, तो आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि कीमत अगली बार किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
बहुत से ट्रेडर्स ट्रेंड की दिशा में ट्रेड करना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ ट्रेडर्स उलटाव को ढूँढ़ने की कोशिश करते हैं और ट्रेंड के विपरीत ट्रेड करते हैं। अपट्रेंड और डाउनट्रेंड सभी बाजारों में पाए जा सकते हैं, जैसे की स्टॉक, बॉन्ड और फ्यूचर्स।
ट्रेडर्स तकनीकी विश्लेषणों के विभिन्न प्रकारों जैसे ट्रेंडलाइन, प्राइस ऐक्शन और तकनीकी संकेतकों का उपयोग कर, ट्रेंड्स को पहचान सकते हैं। ट्रेंड की दिशा का ट्रेंड लाइन्स के साथ आसानी से पता लगाया जा सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) का उपयोग किसी भी दिए गए समय पर किसी ट्रेंड की मजबूती को दिखाने के लिए किया जाता है।
मुख्य रूप से, तीन प्राइस ट्रेंड्स होते हैं: अपट्रेंड, साइडवेज़ और डाउनट्रेंड। Binomo में एक चार्ट स्कैनर (Chart scanner) है जो आपको प्राइस ट्रेंड की दिशा को ट्रैक करने और निर्धारित करने में मदद करता है।
अपट्रेंड
ऊपर की ओर ट्रेंड तब बनता है जब पिछले चढ़ाव और उतराव नए की तुलना में कम होते हैं। जब कीमत ट्रेंड के विपरीत दिशा में चलती है तो गिरावों को रेवेर्सल पॉइंट के रूप में देखा जा सकता है। ये पिछले वाले की तुलना में ट्रेंड के और ऊपर जाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
साइडवेज
एक साइडवेज ट्रेंड तब बनता है जब दी गई समय अवधि के अंदर शेयर की कीमत ऐसे ऊपर की ओर बढ़ती या घटती श्रृंखला बनाती है जो बराबर या लगभग बराबर रहती है। कीमतों में कमजोर और मजबूत उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं, लेकिन अंततः वे साइडवेज (बगल में) चले जाएँगे।
डाउनट्रेंड
आप डाउनट्रेंड को अपट्रेंड के विपरीत के रूप में देख सकते हैं। डाउनट्रेंड में, पिछले चढ़ाव और उतराव नए की तुलना में अधिक होते हैं। नए उतराव बनाने की तैयारी में रेवेर्सल पॉइंट्स शिखर होंगे।
शेयर की कीमतों में बदलाव की पहचान कैसे करें?
शेयर की कीमतों में बदलाव, प्राइस ट्रेंड्स को समझकर पहचाना जा सकता है। प्राइस ट्रेंड्स में शिखर शेयर की कीमतों में वृद्धि को इंगित करते हैं, जबकि उतराव शेयर की कीमत में गिरावट का संकेत देते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि आप किसी विशेष कंपनी के शेयर की कीमत में 15 डॉलर की वृद्धि देखते हैं, फिर 5 डॉलर की गिरावट और फिर से 8 डॉलर की वृद्धि, तो हम कह सकते हैं कि शेयर की कीमत में अपवर्ड ट्रेंड है क्योंकि वह ऊपर की ओर बढ़ रही है।
इसी तरह, आप शेयर की कीमतों के उतार-चढ़ाव के हिसाब से इन प्राइस ट्रेंड्स को पहचान सकते हैं। यह Binomo प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करते समय जानकारीपूर्ण निर्णय लेने में मदद करेगा।
Binomo पर लाइव ट्रेड कैसे करें?
आपको प्राथमिक ट्रेंड (गिरते हुए या बढ़ते हुए) की पहचान करने से शुरू करना चाहिए और फिर कीमतों के ट्रेंड की निरंतरता की पुष्टि करने के लिए संकेतों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
अपट्रेंड के संबंध में
जब ट्रेंड ऊपर की ओर हो तो ट्रेडर्स खरीदने पर ध्यान केंद्रित करते हैं ताकि निरंतर बढ़ रही कीमत से अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। उस समय पर, ऊपर बढ़ते ट्रेड्स (अप ट्रेड्स) खोलें और बुलिश रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न (Bullish Pinbar, Morning Star, Bullish Harami, आदि) का उपयोग करें।
डाउनट्रेंड के संबंध में
जब ट्रेंड नीचे की ओर हो जाता है, तो ट्रेडर्स नुकसान को कम करने के लिए बेचने या कम करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। उस समय पर, नीचे के ट्रेडों (डाउन ट्रेड्स) को खोलें और बेयरिश रेवेर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न (Bearish Pinbar; Evening Star; Bearish Harami, आदि) का उपयोग करें।
नोट! एक तरकीब जिसका आप यहाँ उपयोग कर सकते हैं वह है कि जब ट्रेंड ऊपर की ओर है तो बढ़ते हुए ट्रेड्स को खोलें और जब ट्रेंड नीचे की ओर हो तो गिरते हुए ट्रेड्स को खोलें। 5 मिनट के कैंडलस्टिक चार्ट का उपयोग करके 15 मिनट या उससे अधिक के खुले ट्रेडों का उपयोग करने का भी सुझाव दिया जाता है।
निष्कर्ष
ट्रेंड्स और उनके ट्रेडिंग और निवेश पर पड़ने प्रभाव के बारे में अधिक जानने के लिए, ट्यूटोरियल देखें और Binomo की आधिकारिक वेबसाइट पर लेख पढ़ें। ये सामग्रियाँ आपको अपने कौशल में सुधार करने और अधिक जानकारी से भरे निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं। लेकिन, हमेशा याद रखें कि ट्रेडिंग करना जोखिम भरा है। फंड्स के नुकसान से बचने के लिए डेमो खाते पर सीखें और अभ्यास करें।














